मैं जिसकी मुस्कुराहटो पे जीता मरता था,
खुला आसमान है, फिर भी हम कैद से लगते हैं,
टूट कर भी हँस देना उसने खुद को सिखा दिया है,
तेरे चेहरे की रंगत भी किसी दिन मोहब्बत उड़ा देगी…!
बेवकूफ़ समझती है वो मुझे, मैं बदनसीब नहीं — बस प्यार का ही मारा हूँ।
किस तरह की शायरी सबसे ज़्यादा दिल को लगती है?
रिश्तों की भीड़ में सबसे अकेले हम ही रहे,
जिंदगी भी अब हो गई है बेमकसद और नाराज़।
और तो और ये दिमाग है जो ये मानने को तैयार ही नही है,
दूर रहकर भी वो दिल जलाने से बाज़ नहीं आते,
कमसे कम मेरे मरने का इंतजार तो किया होता…!
कहते है यूं तो ये शख्स, तजुर्बे से आगे निकल जायेगा…!
वरना “मेरी जान” लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी मुर्झा जाते है…!
और फिर भी वो हमसे ही विश्वास की Sad Shayari in Hindi बातें करते रहे।